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Nehru vs Modi

 नेहरूजी  को जब देश मिला तब मुल्क की प्रति व्यक्ति आय  274 रुपए थी। 


2014 :- मोदीजी को जब देश मिला तब देश मे प्रति व्यक्ति आय 118000 रुपये थी। 


नेहरू जी को जब देश मिला तब टैक्स संग्रहण 647 करोड़ सालाना था। इतने भर में  विकास कैसे हो? यह भी 1950 का आंकड़ा है। 


1947 से 1950 तक कैसे लाये मुल्क को यह राम जी  बेहतर जानते हैं। 


2014 :- मोदीजी को जब देश मिला तब टैक्स संग्रहण 16 लाख करोड़ सालाना था।


नेहरूजी को जब देश मिला तब अर्थव्यवस्था का साइज 2 लाख करोड़ था। 


2014 :- मोदीजी को जब देश मिला तब अर्थ व्यवस्था का साइज 2.3 ट्रिलियन रुपये था। 


(2.3ट्रिलियन कितने होते हैं। कोई कमेन्ट में लिख कर बताना)


नेहरुजी  को जब देश मिला तब भारत का विश्व अर्थव्यवस्था में कोई मुकाम नही था। किसी नंबर पर नही थी। 


2014 :- मोदीजी  को जब देश मिला तब यह अर्थव्यवस्था विश्व की चौथी बडी अर्थव्यवस्था औऱ विश्व की दूसरी सबसे तेज बढने वाली अर्थ व्यवस्था थी। 


नेहरूजी को जब देश मिला तब यह भी निर्धारित किया जाना था कि अर्थव्यवस्था का माडल कौन सा हो। 


2014 :- मोदीजी को सब चीजें बनी बनाई मिल गयी। मॉडल क्या होता है, यह कोई भक्त मोदी जी से पूछ कर बता दे।


नेहरूजी को जब देश मिला तब व्यापार के लिए कोई आधारभूत ढांचा ना था। सड़के, यातायात, हवाई मार्ग, मंडियां,नियम,प्राधिकरण कुछ भी नही। 


संस्थाएं बैंक, बैंकिंग सिस्टम, बैंकिंग में विश्वास, रोजगार  पैदा करने लायक बेसिक ढांचा तक नही था। 


कृषि थी तो पानी नही था। नहरें नही थी। ऊंट बैल के साथ खुद किसान जुता होता था। किसी किस्मत वाले के घर साइकल होती थी। TV फ्रिज तो छोड़ ही दें।


2014 :- मोदीजी  को जब देश मिला तब देश में व्यापार का ही नही विदेशी व्यापारियों को भी ढांचा देने की कूवत वाला देश मिला वो भी बीलकूल  रेडी


देश मे साढ़े छह लाख गाँव हैं। किसी गांव में बिजली नही थी। सुन लीजिए। किसी भी गाँव मे बिजली नही थी। इक्का दुक्का बिजली सयंत्र थे देश मे।


2014 :- मोदीजी  खुद बताते हैं कि जब उन्हें देश मिला तब 18000 गांवो में बिजली नही थी। मोदी जी को 632000 गांव जगमगाते मिले विरासत में। 


नेहरूजी  को जब देश मिला तब पीने का पानी नही था। सीवर व्यवस्था नही थी। पूरा मुल्क खोदकर पाइप बिछानी थी। मंच पर खडे होकर डुगडुगी बजाने से नही होना था यह काम।


नेहरूजी को जब देश मिला तब शिक्षा चिकित्सा का कोई ढांचा नही था। 


एम्स जैसे विश्व स्तरीय हस्पताल औऱ रिसर्च सेंटर बनाने में नेहरू ने ऊर्जा लगाई। विश्विद्यालय बनाये। स्कूल कॉलेज बनाये। वैज्ञानिक शोध केंद्र, मिसाइल उपग्रह आदि पर अद्भुत काम हुआ।


नेहरूजी  को जब देश मिला तब देश की सीमाएं असुरक्षित और खुली थी। नेहरू ने सेना बनाई। उसका ढांचा चिन्हित किया। जल थल वायु सेना को मजबूत किया। जब नेहरूजी को देश मिला तब सेना के नाम पर कुछ नही था।


2014 :- मोदीजी को देश मिला तो देश की सेना विश्व की चौथी बड़ी सेना थी। 


एक गरीब पिछड़े विभाजन की विभीषिका ग्रस्त राष्ट्र में  #BARC  #IITs , #IIMs , #ISRO , #DRDO , #ICHR , #ICCR  , #ICAR , #CSIR , #CDRI,  #AIIMS ...एक एक करके गिनते जाइये बस ....ऐसे संस्थान खोलना अकल्पनीय है


नेहरूजी को जब देश मिला तब राजाओं के गुटों में बंटा था देश। विभाजन की आग में जल रहा था। अलग अलग जातियों, धर्मो रियासतों को एक सूत्र में जोड़ने की वृहद सोच पर काम किया नेहरूजी ने। 


संविधान मे इसकी परिकल्पना देख सकते हैं ।


2014 :- मोदी ने उस एक सूत्र में पिरोए गए राष्ट्र के तमाम मोती छिटका दिये। अर्थव्यवस्था का कबाड़ा कर दिया। देश के सौहार्द्र को नष्ट किया। संस्थाओं को नष्ट किया।


तेजी से बढ़ते हुए देश को बर्बाद कर दीया


नेहरूजी को देश को जी कहलवाने की जिद थी। 

बिना टैक्स देने वाली अर्थव्यवस्था में इतने निर्माण कार्य करने का विज़न हैरान करता है। 


परख लेना 70 साल की तुलना में अपने 6 साल।

#राष्ट्रवादी_लॉकडाऊन

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